Shri Shyam Baba Aarti - Hindi Arth Sahit
श्री श्याम बाबा की आरती का महत्व :
श्री श्याम बाबा की आरती भक्त और भगवान के बीच एक आत्मिक संवाद है। यह केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि पूर्ण समर्पण का माध्यम है।
जिस प्रकार दीपक की लौ अंधकार को हरती है, उसी प्रकार श्याम बाबा की आरती भक्त के मन की सारी नकारात्मकता, चिंता और दुखों को हर लेती है।
आरती करने से बाबा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में शांति, समृद्धि और संतुलन बना रहता है।
आरती का अर्थ:
यह आरती श्री श्याम बाबा की महिमा का वर्णन करती है, जो खाटू धाम में विराजमान हैं और अपने भक्तों पर कृपा करते हैं।
ॐ जय श्री श्याम हरे:
हे श्याम बाबा, आपकी जय हो, आपकी जय हो।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे:
आप खाटू धाम में विराजमान हैं और आपका रूप अनुपम है।
रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे:
आप रत्न जड़ित सिंहासन पर विराजमान हैं और आपके सिर पर चंवर डुलाया जा रहा है।
तन केसरिया बागो, कुंडल श्रवण पड़े:
आपका शरीर केसरिया रंग का वस्त्र पहने हुए है और आपके कानों में कुंडल झूल रहे हैं।
गल पुष्पों की माला, सिर पर मुकुट धरे:
आपके गले में फूलों की माला है और आपके सिर पर मुकुट सुशोभित है।
खेवत धूप अग्नि पर, दीपक ज्योति जले:
धूप और अग्नि के साथ दीपक की ज्योति जल रही है।
मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे:
मोदक, खीर और चूरमे का भोग सोने की थाली में सजाया गया है।
सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे:
आपके सेवक आपको भोग लगा रहे हैं और आपकी नित्य सेवा कर रहे हैं।
झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे:
झांझ, कटोरा, घंटी, शंख और मृदंग की ध्वनि सुनाई दे रही है।
भक्त आरती गावे, जय-जयकार करे:
भक्तजन आपकी आरती गा रहे हैं और आपकी जय-जयकार कर रहे हैं।
जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे:
जो भी आपका ध्यान करता है, वह फल पाता है और सभी दुखों से मुक्त हो जाता है।
सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम-श्याम उचरे:
आपके सेवक अपने मुख से श्री श्याम-श्याम का जाप करते हैं।
श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे:
जो भी मनुष्य श्री श्याम बिहारी जी की आरती गाता है,
कहत भक्तजन, मनवांछित फल पावे:
भक्तजन कहते हैं कि वह अपनी मनचाही इच्छा को प्राप्त करता है।
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
हे श्याम बाबा, आपकी जय हो, आपकी जय हो | हे श्री श्याम बाबा, आपकी जय हो, आपकी जय हो।
निज भक्तों के तुमने, पूरण काज करे:
आपने अपने भक्तों के सभी कार्य पूर्ण किए हैं।
ॐ जय श्री श्याम हरे:
हे श्री श्याम बाबा, आपकी जय हो।
Shri Shyam Baba Aarti Hindi Arth Sahit
जय श्री श्याम
आरती करने की विधि :
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बाबा की मूर्ति/फोटो के सामने दीपक, धूप और फूल चढ़ाएं।
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शुद्ध मन से आरती का गान करें।
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आरती के बाद “जय श्री श्याम” का सामूहिक उच्चारण करें।
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प्रसाद में तिल, पंजीरी या तुलसी पत्र अर्पित करें।
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मनोकामना पूर्ति हेतु व्रत या सेवा का संकल्प लें।
श्री श्याम बाबा की आरती केवल गीत नहीं, बल्कि आत्मा की पुकार है। अर्थ सहित आरती करने से श्रद्धा और भी गहराई से जागृत होती है। यह एक ऐसा भक्ति मार्ग है जो आपको श्याम बाबा से जोड़ता है, दुखों से मुक्ति दिलाता है और आपको शांतिपूर्ण जीवन की ओर ले जाता है।
🕉️ श्री श्याम बाबा की जय !